भाभी के साथ रंगीली रात

Discussion in 'Hindi Sex Stories' started by 007, Nov 4, 2017.

  1. 007

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    //in.tssensor.ru हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम रोहित है. में दिल्ली का रहने वाला हूँ और मेरी उम्र 26 साल है. दोस्तों में पिछले कुछ सालों से सेक्सी कहानियों को पढ़ता आ रहा हूँ. मैंने अब तक बहुत सारी कहानियों को पढ़ा जो मुझे अच्छी लगी, लेकिन आज में पहली बार अपनी भी एक सच्ची चुदाई की घटना मेरा सेक्स अनुभव आज आप लोगों के लिए लेकर आया हूँ जिसको लिखकर आप तक पहुँचाने में मैंने बहुत मेहनत की है तो आज आप उसको सुनिए और मुझे इसके बारे में बताना ना भूले. दोस्तों आप सभी को आज अपनी कहानी सुनाने से पहले में अपने परिवार का परिचय आप लोगों से करवा देता हूँ.

    मेरे परिवार में पापा मम्मी और हम दो भाई रहते है, मेरे पापा मम्मी और मेरा भाई गाँव में रहते है और में अकेला दिल्ली में अपना बिजनेस करता हूँ. में दिल्ली में जहाँ पर रहता हूँ वहां पर नीचे वाली मंजिल पर मेरे दूर के रिश्तेदारी में मेरे एक भैया और भाभी रहते है. उन दोनों की शादी को पूरा एक साल हो चुका है, लेकिन अभी तक उनके कोई बच्चा नहीं है. मेरे भैया एक प्राइवेट कंपनी में अच्छी पोस्ट पर नौकरी करते है. मेरी भाभी का नाम मेघा है और वो बहुत ही सुंदर है.

    उनको देखकर हर बार मेरा लंड खड़ा हो जाता है, क्योंकि वो बहुत ही सेक्सी है और वो क्या मस्त लावजवाब दिखती है? और उनके बूब्स बड़े आकार के है जिसका आकार 34-28-34 है वो मुझे बहुत ही अच्छी लगती है. इसलिए मेरी बस एक ही इच्छा थी कि में कैसे भी उनकी पूरी रात जमकर बहुत मस्त चुदाई करूं और उनके साथ बड़े मज़े करूं, लेकिन मेरे हाथ ऐसा कोई भी मौका नहीं लग रहा था.

    दोस्तों मेरे भैया की भाभी से बहुत अच्छी जमती थी, इसलिए वो दोनों बहुत खुश रहते थे और में कभी कभी भाभी से मज़ाक भी कर लिया करता था तो भाभी भी हंसकर मुझसे मज़ाक कर लिया करती थी, इसलिए भाभी की चुदाई करने का ख्याल मेरे दिल में हमेशा आया करता था. अब तो मेरी हमेशा बस यही कोशिश रहती थी कि में कैसे अपने इस सपने को पूरा करूं में यही बातें सोचता रहता था.

    फिर शायद भगवान को भी कुछ दिनों बाद मुझ पर तरस आ ही गया. उस समय भैया को अपनी कंपनी के किसी जरूरी काम से दस दिनों के लिए इंदौर जाना पड़ा और भाभी वो बात सुनकर बहुत ही उदास थी, क्योंकि भैया ने पिछले एक साल के इस समय में भाभी को कभी भी अकेला नहीं छोड़ा था और फिर भैया ने भाभी को कहा कि अगर तुम्हे किसी भी चीज की कोई ज़रूरत हो तो तुम रोहित को बुला लेना और उन्होंने मुझसे कहा कि तुम अपनी भाभी का पूरा ख़याल रखना और हम दोनों से यह बात कहकर वो दूसरे दिन सुबह की पहली फ्लाइट से ही इंदौर के लिए चले गये.

    में मन ही मन बहुत ही खुश था कि चलो शायद मुझे कोई अच्छा मौका मिल जाए में सुबह दस बजे भाभी के पास चला गया और मैंने उनसे कहा कि भाभी आपको कोई काम हो तो मुझे बता दो में वापस आते समय कर दूंगा. तो भाभी ने हल्के से मुस्कुराकर कहा कि कोई काम नहीं है, लेकिन अगर जब मुझे तुमसे कोई काम होगा तब में तुम्हे वो जरुर बता दूंगी. फिर मैंने उनसे कहा कि हाँ ठीक है भाभी और में अपने काम पर चला गया, लेकिन वहां पर किसी भी काम में मेरा बिल्कुल भी मन नहीं लग रहा था. मुझे तो हर तरफ सिर्फ़ मेघा भाभी ही नज़र आ रही थी. में शाम को जल्दी घर आ गया और भाभी के पास चला गया. फिर भाभी ने मुझसे पूछा कि तुम आज इतनी जल्दी कैसे आ गए?

    मैंने उनसे कहा कि भाभी आज मेरी तबीयत कुछ ठीक नहीं लग रही थी, इसलिए में जल्दी घर चला आया. फिर उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या हुआ? तो मैंने उनसे कहा कि मेरे सर में दर्द है तो भाभी ने कहा कि में दबा देती हूँ. अब मैंने कहा कि नहीं भाभी अपने आप ठीक हो जाएगा, लेकिन भाभी नहीं मानी और वो मेरा सर दबाने लगी. दोस्तों उनके नरम मुलायम हाथ मेरे माथे पर छूते ही मेरे पूरे जिस्म में एक अजीब सी सनसनी होने लगी और में मदहोश होता जा रहा था.

    मैंने किसी तरह अपने पर कंट्रोल किया और अपने घर आ गया. फिर रात को भाभी मेरे पास आ गई और उन्होंने मुझसे कहा कि तुम्हे खाना मेरे साथ ही खाना है. दोस्तों अंधे को क्या चाहिए दो आखें जो मुझे भगवान खुद दे रहे थे, इसलिए मैंने मन ही मन बहुत खुश होकर कहा कि हाँ ठीक है भाभी, आप चलो में अभी आता हूँ और फिर में मुहं हाथ धोकर भाभी के यहाँ पर चला गया और तब मैंने देखा कि भाभी उस समय किचन में थी और वो खाना परोसने की तैयारी कर रही थी.

    मैंने कहा कि में आ गया हूँ तो उन्होंने मेरी तरफ मुस्कुराकर मुझे बैठने का इशारा करके वो मेरे लिए भी खाना लगाने लगी और फिर हम दोनों ने एक साथ में खाना खाया. फिर उसके बाद हम दोनों इधर उधर की बातें करने लगे थे. तभी भाभी ने अचानक मुझसे पूछा कि रोहित क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है? तो में उनकी इस बात को सुनकर थोड़ा सा चकित जरुर हुआ, लेकिन मैंने उस पर इतना ध्यान नहीं दिया और मैंने उनसे कहा कि नहीं भाभी मुझे अपने काम से ही समय नहीं मिलता तो मेरी कोई गर्लफ्रेंड कहाँ से होगी?

    भाभी मेरे मुहं से यह बात सुनकर हंसने लगी और वो मुझे एक मादक मुस्कान देकर उठकर दोबारा किचन में चली गई. अब में अपने लंड से बड़ा परेशान था, क्योंकि वो अब पूरा तनकर खड़ा हो चुका था और उसने सांप की तरह फुकार मारना भी शुरू कर दिया था. अब मैंने किचन में जाकर भाभी को बोला कि भाभी में अब सोने जा रहा हूँ आपको मुझसे कोई काम हो तो आप मुझे बता दो. फिर भाभी ने मुझसे कहा कि मुझे कोई भी काम नहीं है, तुम जाकर सो जाओ और फिर में अपने घर पर जाकर भाभी के नाम से मुठ मारकर सो गया.

    फिर दूसरे दिन सुबह मैंने भाभी से पूछा कि भाभी आपको कुछ काम हो तो बता दो, में जा रहा हूँ, भाभी ने कहा अभी तो मुझे कुछ नहीं है, लेकिन आज शाम को तुम जल्दी आ सकते हो तो आ जाना, क्योंकि मुझे बाजार जाना है.

    अब मैंने उनसे कहा कि हाँ ठीक है, में आ जाऊंगा और फिर में अपने काम पर चला गया. दो दिनों से मेरा किसी भी काम में मन ही नहीं लग रहा था. मुझे बार बार भाभी का ही ख्याल आ रहा था, क्योंकि भाभी थी ही ऐसी चीज़ जो किसी को भी पागल कर सकती है. फिर में शाम को जल्दी अपने घर आ गया और फ्रेश होकर में भाभी के पास जा पहुंचा. भाभी ने मुझसे पूछा कि तुम कब आए? तो मैंने कहा कि में अभी ही आया हूँ क्यों आपको बाजार जाना है ना? तो भाभी ने कहा कि हाँ बस आप 15 मिनट बैठो में अभी तैयार होकर आती हूँ.

    मैंने कहा कि हाँ ठीक है और फिर भाभी तैयार होने दूसरे कमरे में चली गये. में भी उठकर भाभी के कमरे के अंदर झांकने की कोशिश करने लगा. दरवाजे के छेद से मैंने भाभी को उनकी साड़ी उतारते हुए देखा और उसके बाद भाभी ने अपना ब्लाउज उतार दिया. दोस्तों वो क्या मस्त द्रश्य था, में आप लोगो को किसी भी शब्दों में बता नहीं सकता कि भाभी के बड़े बड़े बूब्स उनकी ब्रा में केद होकर ऐसे लग रहे थे कि अभी वो उनकी उस ब्रा को फाड़कर बाहर आ जायेंगे. उनको भाभी ने जबरदस्ती उसमे ठूंस रखा था, जिसको देखकर मेरा लंड खड़ा होने लगा था. अब मेरा मन तो कर रहा था कि में अभी जाकर भाभी को अपनी बाहों में ले लूँ और उनको चूम लूँ. उनके बूब्स के साथ खेलूं, लेकिन में मजबूर था.

    भाभी ने नीले रंग का ब्लाउज पहना और उसी रंग की साड़ी पहनी वो क्या मस्त कयामत लग रही थी और अब मैंने देखा कि भाभी बाहर आ रही है तो में हड़बड़ा गया और जल्दीबाजी में दरवाजे से लगा वो स्टूल नीचे गिर गया उसकी बहुत तेज आवाज हुई थी.

    अब में डर गया कि आज मेरी यह चोरी पकड़ी गई और अगर भाभी ने मेरी इस हरकत को भैया को बता दिया तो मेरा क्या हाल होगा? भाभी वो आवाज़ सुनकर जल्दी से बाहर आई और उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या हुआ यह कैसी आवाज थी?

    मैंने कहा कि कुछ नहीं, में डर गया मैंने सोचा कि शायद आज मेरी चोरी पकड़ी गई मुझे बहुत डर लग रहा था, लेकिन भाभी ने मुझसे कुछ नहीं कहा और वो मेरी तरफ मुस्कुराने लगी. फिर उसके बाद में और भाभी कार से बाज़ार आ गए और भाभी ने कुछ जरूरी सामान खरीद लिया और उन्होंने मुझसे कहा कि चलो अब हम आगे चलते है, मुझे और भी सामान लेना है, मैंने कहा कि हाँ ठीक है और मैंने अपनी कार को स्टार्ट कर दिया. हम आगे बढ़े थोड़ी आगे आने के बाद भाभी ने कहा कि कार को साइड में कर लो, मुझे यहीं से सामान लेना है.

    मैंने अपनी कार को उनके कहने पर तुरंत रोककर एक तरफ लगा दिया. अब भाभी ने मुझसे कहा कि चलो और में भाभी के साथ चल पड़ा भाभी एक लेडिस दुकान में गई और में उसके बाहर ही रुककर खड़ा हो गया. तब भाभी ने मुझसे कहा कि तुम भी अंदर चलो और में भी भाभी के साथ उस दुकान में चला गया. तब मैंने देखा कि वहां पर से भाभी ने एक सेक्सी मेक्सी ली और कुछ हॉट अंडरगार्मेंट्स जिन्हे देखकर ही मेरा लंड खड़ा हो गया था और भाभी मुझे देखकर मुस्कुरा रही थी और अब मेरी हालत तो बहुत खराब हो रही थी.

    हम दोनों वापस घर आ गए तभी भैया का फोन आ गया तब भाभी ने उनसे फोन पर कहा कि मुझे कल रात को घर पर अकेले में बहुत डर लग रहा था बताओ अब में क्या करूं? भैया ने कहा कि तुम चाहो तो रोहित को हमारे घर पर ही सुला लेना और बहुत देर तक बातें होने के बाद भाभी ने फोन बंद किया. उसके बाद उन्होंने मुझसे कहा कि तुम्हे आज से यहीं पर मेरे साथ सोना है, क्योंकि मुझे रात को अकेले सोने में बहुत डर लगता है. दोस्तों मुझसे यह बात कहकर वो मुस्कुराने लगी, लेकिन में अभी तक उनकी मुस्कुराहट का वो राज नहीं समझ सका था, जिसको में बाद में धीरे धीरे बहुत अच्छी तरह से समझ चुका था.

    अब मैंने उनसे कहा कि हाँ ठीक है भाभी और रात को हम दोनों ने खाना खाया और उसके बाद हम दोनों टीवी देखने लगे. फिर करीब 11 बजे तक हमने साथ में बैठकर टीवी देखी और उसके बाद मैंने उनसे कहा कि अब में सोने जा रहा हूँ तो भाभी ने टीवी को बंद कर दिया और में हॉल में ही सोफे पर सोने की कोशिश करने लगा, लेकिन दोस्तों सच कहूँ तो मुझे भाभी का वो मुस्कुराने का अंदाज़ सोच सोचकर नींद ही नहीं आ रही थी और रात के एक बजे के आसपास भाभी हॉल में आई तो में भाभी को देखता ही रह गया, क्योंकि भाभी ने उस समय वो नई वाली मेक्सी पहन रखी थी जो बहुत ही सेक्सी थी, उसमें से भाभी के बूब्स मुझे साफ साफ नज़र आ रहे थे.

    अब भाभी ने मुझसे कहा कि मुझे डर लग रहा है, तुम मेरे कमरे में मेरे पास सो जाओ. फिर उनके मुहं से वो बात सुनकर मेरे मन में एक आनंद की लहर दौड़ने लगी और मैंने मन ही मन सोचा कि शायद भगवान को मुझ पर अब बहुत तरस आ गया है, इसलिए वो धीरे धीरे मेरे एक एक काम वो खुद आगे बढ़कर करवा रहा है और अब में बहुत खुश होकर भाभी के साथ उनके कमरे में चला गया.

    में और भाभी दोनों ही उनके बेड पर लेट गए और बातें करने लगे फिर हम सो गये और करीब तीन बजे मैंने महसूस किया कि कोई हाथ है जो मेरे लंड को छू रहा है. में तुरंत समझ गया और में सोने का नाटक करने लगा. मेरा लंड तनकर कुतुब मीनार की तरह हो गया था और में मन ही मन इतना खुश हो गया था कि जैसे कि मुझे आज कुबेर का खजाना मिल गया था. में देखना चाहता था कि भाभी अब इसके आगे क्या करती है इसलिए में चुप रहा.

    मैंने महसूस किया कि भाभी एक हाथ से मेरे लंड को सहला रही है और दूसरे हाथ से अपनी चूत को सहला रही है. में तो पागल हो गया था और मेरा मन तो कर रहा था कि भाभी को पकड़कर तुरंत ही उनकी चुदाई कर दूँ. मैंने सोचा कि भाभी ही आगे बढ़ रही है तो में भी चुप ही रहूँ. फिर भाभी ने अब मेरे लंड से खेलना शुरू कर दिया और अब अपने एक हाथ से उन्होंने अपनी ही चूत को भी सहलाना शुरू कर दिया और उसके भाभी धीरे से मेरे पैरों की तरफ बढ़ी और फिर वो मेरा लंड को अपने मुहं में लेकर उसको सक करने लगी, जिसकी वजह से अब मुझसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं हो रहा था और इसलिए मैंने जागने का नाटक किया.

    मैंने उनसे पूछा कि भाभी यह आप क्या कर रही है? यह सब अच्छी बात नहीं है, लेकिन तभी भाभी ने मुझसे बिना कुछ बोले मुझे अपनी छाती से लगा लिया और कहा कि रोहित में तुम से कई बार अपने सपनों में चुदाई करवा चुकी हूँ, लेकिन तुम मुझे आज सच में अच्छी तरह से रगड़कर चोद दो और मुझे अपना बना लो. में कब से इस दिन का इंतजार कर रही थी. अब मैंने उनसे कहा कि भाभी यह सब बहुत ग़लत होगा और इसके बारे में अगर भैया को पता चल गया तो क्या होगा? हमारे सामने बहुत बड़ी समस्या खड़ी हो जाएगी, तब हम क्या करेंगे?

    भाभी ने कहा कि वो सब नहीं होगा तुम्हे इतना आगे सोचने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि उन्हे हमारे इस काम के बारे में बिल्कुल भी पता नहीं चलेगा, तुम तो बस में तुमसे जैसा कहूँ वैसा करते चले जाओ. दोस्तों आज तो मेरे मन की हर एक मुराद पूरी हो गई थी, क्योंकि वो खुद आगे होकर मुझसे अपनी चुदाई के लिए कह रही थी, जिस काम को में भी बहुत समय से करना चाहता था और इसलिए में अब कहाँ पीछे रहने वाला था? मैंने तुरंत भाभी को अपनी बाहों में भर लिया और मैंने भाभी के होंठो से अपने होंठ लगा दिए और में उन्हे चूसने लगा. उनके पूरे जिस्म पर हाथ घुमाने लगा.

    फिर थोड़ी ही देर के बाद मुझे महसूस होने लगा कि भाभी अब गरम होने लगी थी और उन्होंने मेरे लोवर को भी उतार दिया था. उसके बाद बनियान को भी उतार फेंका, जिसकी वजह से अब में भाभी के सामने बिल्कुल नंगा था.

    मैंने उनको कहा कि भाभी तुम मेरे कपड़े उतार रही हो और तुम खुद तो अब तक कपड़े पहने हो. तब भाभी ने मुझसे कहा कि तुम्हे किसने रोका है तुम खुद ही उतार दो? उनका यह जवाब सुनकर मैंने जल्दी से आगे बढ़कर सबसे पहले भाभी की मेक्सी को उसके बाद ब्रा को और फिर पेंटी को भी उतार दिया, जिसकी वजह से अब भाभी और में एकदम नंगे थे और में उनका वो गोरा सेक्सी जिस्म देखकर बिल्कुल पागल हो गया था और अब में किसी भूखे शेर की तरह भाभी के बूब्स को चूसने लगा और अपने एक हाथ से भाभी के निप्पल से खेल भी रहा था और उनका रस निचोड़ रहा था, जिसकी वजह से भाभी बहुत गरम हो रही थी और भाभी भी अपने एक हाथ से मेरे लंड को सहला रही थी.

    मैंने अपना एक हाथ भाभी की गरम चिकनी चूत पर रख दिया और में चूत को सहलाने लगा. फिर मैंने महसूस किया कि भाभी की चूत अब तक बहुत गीली हो चुकी थी और उनके मुहं से उफूफ़्फफ्फ़ आह्ह्हह्ह की आवाज़े आ रही थी, जिसको सुनकर में और भी ज्यादा उत्तेजित हो रहा था.

    अब भाभी की साँसे गरम हो रही थी वो बिल्कुल मदहोश होने लगी थी. फिर तभी भाभी ने मेरा लंड अपने मुहं में ले लिया और चूसना शुरू कर दिया, वाह क्या मस्त तरीके से वो मेरा लंड चूस रही थी, जिसकी वजह से भी मदहोश हो चुका था.

    मैंने भाभी से कहा कि भाभी मुझे भी अब आपकी चूत का रस पीना है. फिर भाभी ने कहा कि हाँ ठीक है चूस लो, वैसे भी यह आज से तुम्हारी ही है और फिर हम दोनों 69 की पोज़िशन में आ गये. में भाभी की चूत को चाट रहा था और वो मेरा लंड, जिसकी वजह से भाभी बड़ी ही मदहोश हो चुकी थी. वो बहुत जोश में थी. में अब भाभी की चूत में अपनी जीभ को डालकर अंदर बाहर कर रहा था, जिसकी वजह से भैया ऊफफफफफ्फ़ में मर गई और ज़ोर से रोहित मेरी जान आहहहहहहह में मर गई रे आईईईईईईईइ कह रही थी. इन कामों के बीच मैंने महसूस किया कि भाभी दो बार झड़ चुकी थी और में था कि अब तक झड़ने का नाम ही नहीं ले रहा था.

    भाभी ने मुझसे कहा कि रोहित अब मुझसे बर्दाश्त नहीं होता. तुम यह लंड प्लीज जल्दी से मेरी चूत में डाल दो, नहीं तो में पागल हो जाउंगी और भाभी ने कहा कि प्लीज तुम तेल की बोतल ले आना, तुम्हारा लंड उनसे ज्यादा बड़ा है, में इसका दर्द बर्दाश्त नहीं कर सकती और इसको पहले तेल लगाकर चिकना कर लो. फिर मैंने उनसे पूछा कि क्यों भाभी भैया के लंड का क्या आकार है?

    भाभी ने कहा कि उनका तो बस चार इंच का है और उनका तुम्हारे लंड से पतला भी है. अब में उनके मुहं से यह बात सुनकर बहुत खुश खुश हो गया और मैंने उनसे कहा कि तेल की ज़रूरत नहीं है, में बहुत धीरे से ही करूंगा और भाभी ने कहा कि ठीक है जैसा तुम ठीक समझो, कर लो, लेकिन प्लीज अब जल्दी करो में भाभी के ऊपर आ गया और भाभी के बूब्स को मसलने लगा और पीने लगा.

    भाभी भी पागल हुई जा रही थी और आवाज़ निकाल रही थी अहहहहह मेरी जान जल्दी करो अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा. में भी तैयार होकर भाभी की जाँघो के बीच आ गया और भाभी की चूत बिल्कुल साफ थी. फिर मैंने भाभी की गांड के नीचे तकिया लगा, दिया जिससे कि भाभी की चूत ऊपर आ गई और मेरे लंड को चुदाई का न्योता देने लगी, मैंने जैसे ही लंड को भाभी की चूत के मुहं पर सटाया तो भाभी बोल पड़ी कि जल्दी रोहित जल्दी करो.

    अब मैंने पहले लंड से भाभी की चूत को रगड़ा और फिर एक ही झटके में मैंने अपना पूरा लंड भाभी की चूत में डाल दिया. भाभी चिल्ला पड़ी आह्ह्ह्हहहह ऊईईइईईई माँ मर गई, यह तुमने क्या किया, मुझे बहुत दर्द हो रहा है, बाहर निकालो प्लीज.

    मैंने कहा कि भाभी बस दो मिनट में सब कुछ ठीक हो जाएगा आप थोड़ी शांति रखो और में भाभी को धीरे धीरे धक्के लगाने लगा, जिसकी वजह से अब भाभी को भी अब मज़ा आने लगा था और वो अपने मुहं से अहहहह उफुफ्फुफफुफ़्फुऊऊ की आवाज़े निकाल रही थी. में भाभी को लगातार धक्के लगाता जा रहा था, लेकिन कुछ देर बाद भाभी ने मुझसे कहा कि में अब झड़ने वाली हूँ.

    मैंने कहा अभी मेरा इरादा नहीं है, में भाभी को 15 मिनट तक लगातार धक्के देकर चोदता रहा और इस बीच भाभी दो बार झड़ चुकी थी और अब मेरा भी माल बाहर आने वाला था, इसलिए मैंने भाभी से कहा कि भाभी में भी अब झड़ने वाला हूँ.

    भाभी ने कहा कि तुम मेरी चूत के अंदर ही झड़ जाओ और में झड़ गया. मैंने अपना पूरा वीर्य उनकी चूत की गहराईयों में डाल दिया. में अब थक चुका था, इसलिए में उसी तरह भाभी के ऊपर लेटा रहा और करीब दस मिनट तक हम ऐसे ही पड़े रहे, भाभी मुझसे बिल्कुल चिपकी हुई थी और में भाभी के निप्पल से खेल रहा था. फिर जब हम उठे तो टाइम देखा 4:45 हो चुके थे. हम दोनों एक साथ ही साथ उठकर बाथरूम गये और भाभी मेरे सामने ही पेशाब करने लगी तब मैंने देखा कि उनकी चूत से पहले ढेर सारा वीर्य निकला उसके बाद मूत बाहर आ गया और भाभी मुझे देखकर मुस्कुरा रही थी.

    फिर थोड़ी देर बाद भाभी ने मुझसे कहा कि रोहित तुम मेरी चूत को चाटो और में भाभी के कहने पर उनकी गीली चूत को चाटने लगा और वो मेरा लंड चूसने लगी.

    कुछ देर बाद हम दोनों एक बार फिर से चुदाई के लिए तैयार हो गये और हमने फिर से सेक्स के मज़े लिए, लेकिन इस बार में भाभी को पूरे 35 मिनट तक चोदता रहा और भाभी तीन बार झड़ चुकी थी. अब में भी झड़ने ही वाला था और फिर मेरा भी वीर्य कुछ धक्कों के बाद निकल गया. दोस्तों मेरे भैया दस दिनों के लिए बाहर गये थे, इसलिए पूरे सात दिनों तक मैंने और भाभी बहुत जमकर चुदाई का मज़ा लेते रहे और फिर भैया भी आ गये जिसके बाद हमारी चुदाई का वो सिलसिला अब बंद हो गया और उसके बाद मुझे और भाभी को कोई भी ऐसा मौका नहीं मिला जिसका हम फायदा उठाकर चुदाई का मज़ा ले सके.
     
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